ब्रांड समाचार फरवरी 2017

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जल्द ही देशभर में नजर आएगा विमल


गुजरात, एमपी व छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में धमाल माचाने वाले उत्पाद विमल की अब देशभर में विस्तार करने की योजना चल रही है। यूपी की कई मंडियों में यह पहले से ही पांव जमा चुका है। राज्य के बाकी जिलों में डिस्ट्रीब्यूटर तय किए जा रहे हैं। पिछले कुछ अर्से में इसने प. बंगाल में अच्छी बढ़त हासिल की है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में इस उत्पाद का दबदबा है। अपने अच्छे स्वाद और स्मार्ट मार्केटिंग के चलते यह अन्य राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।








गोपाल की चटनी से बनाया पिस्ता पान

रायपुर में नैवेद्य नामक मिठाई की दुकान पिस्ता पान के कारण काफी लोकप्रिय है। यूं इस दुकान पर विभिन्न किस्म की मिठाईयां बिकती हैं, लेकिन पिस्ता पान लाजवाब होता है। इसमें ड्राई फ्रूट के अलावा गोपाल की दिलखुश पान चटनी इस्तेमाल होता है। इस मिठाई को मुंह में डालते ही पान का मजा डालता है। यानी एक ही चीज में दोहरा मज़ा आता है। पिस्ता पान मिठाई की कीमत 1000 रूपए प्रति किलो है। रायपुर ही नहीं आस-पास के शहरों में जब कोई पार्टी आदि होती है तो शौकीन लोग मेहमानों के सामने इस मिठाई को जरूर पेश करते हैं। इतना ही नहीं रायपुर के लोग जब किसी रिश्तेदार के यहां जाते हैं तो नैवेद्य का पिस्ता पान उपहार के रूप में ले जाते हैं। अपने स्वाद व फ्लेवर के कारण इस मिठाई की शोहरत एमपी, यूपी, ओडिशा, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना आदि राज्यों में भी फैल रही है।




तानसेन सुप्रीम के 100 ग्राम टिन पैक की बिक्री बढ़ी

छत्तीगढ़ में तानसेन सुप्रीम के 100 ग्राम वाले टिन पैक ने तेजी से बढ़त हासिल की है। इसमें राज्य में डीएस गु्रप के सीएनएफ श्री महाकाल मार्केटिंग की अहम भूमिका रही है। वैसे राज्य में रजनीगंधा तो नंबर 1 पर पहले से ही बना हुआ है, लेकिन श्री महाकाल मार्केटिंग का यह प्रयास रहा है कि 100 ग्राम वाले टिन की बिक्री बढ़े। इसमें उन्हें अच्छी सफलता भी मिली है। इस पैक को खरीदने वाले ग्राहकों का एक वर्ग तैयार हुआ है। आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा होने की संभावना है।





छग में छाए हुए हैं बाबा के उत्पाद

छत्तीसगढ़ में बाबा के उत्पादों का एकछत्र राज है। इलायची से लेकर जर्दा और पान चटनी तक हर जगह इसी कंपनी के उत्पाद छाए हुए हैं। एक तरह से बाजार के 85 फीसदी हिस्से पर बाबा का ही कब्जा है। जानकारों का कहना है कि हाल ही में बाबा ने अपने कंबो पैकेट पर जो 10 से 1000 रूपए के स्क्रेच कूपन वाली स्कीम चलाई थी, उससे कंपनी को काफी फायदा हुआ है। राज्य में दूसरे नंबर पर रजनीगंधा पल्र्स है। इसका डिस्पैंसर पैक लोगों में काफी लोकप्रिय है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से लेकर कई मंत्री व नेतागण इसे अपनी जेब में रखते हैं। शौकीन युवा भी इसे काफी पसंद करते हैं।





बाबा की खलीफ को बढ़त

बाबा की खलीफ सिगरेट को भिलाई में काफी अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। राज्य में आम तौर से बहुराष्ट्रीय कंपनियों की सिगरेट बिकती है, लेकिन खलीफ ने इस बीच बढ़त हासिल की है। यह फ्लेवर्ड सिगरेट है, जिसे हर वर्ग के लोग पसंद कर रहे हैं। बाबा ने इसे कुछ अर्सा पहले ही लांच किया है।









जीपीआई ने किया आसमानी ग्रुप को पुरस्कृत

जीपीआई न 20-21 जनवरी को माउंटआबू में अपने गुजरात के डिस्ट्रीब्यूटरों व होलसेलरों की मीटिंग की। इस मौके पर सूरत के सीएनएफ अंकुर इंटरप्राइस (आसमानी ग्रुप) को वर्ष 2015-16 में बेहतरीन पर्फामेंस देने के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य लोग भी पुरस्कृत किए गए। आसमानी गु्रप के प्रमुखश्री भरतभाई आसमानी और राजेशभाई आसमानी ने कंपनी के पदाधिकारियों से पुरस्कार ग्रहण किया। पुरस्कार के रूप में एक सोने का सिक्का और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्हेंने बेहतरीन डिएट्रीब्यूशन, इंफ्रास्ट्रक्चर व प्लानिंग से जीपीआई के उत्पादों की अच्छी बिक्री करवाई। गौरतलब है कि गुजरात की मार्केट में रजनीगंधा, आरएमडी व विमल जैसे उत्पादों की जबरस्त पकड़ है, लेकिन जीपीआई के सिगरेट व पान विलास और राग पान मसाला की भी काफी अच्छी बिक्री हो रही है। खात तौर पर सूरत में राग ने जबरदस्त बढ़त हासिल की है। जाहिर है कि इसका श्रेय सीएनएफ, डिस्ट्रीब्यूटरों व मार्केटिंग टीम को जाता है। मीटिंग में कंपनी के अधिकारियों ने डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ विस्तृत चर्चा की और उन्हें भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। साथ ही उत्पाद को बिक्री बढ़ाने के फार्मूले भी बताए। जीपीआई की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण थी, जिसमें मार्केटिंग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।