छत्तीसगढ़ मार्केट फरवरी 2017

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छत्तीसगढ़ मार्केट फरवरी 2017


रजनीगंधा का जलवा

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में प्रिमियम पान मसाला में रजनीगंधा का जलवा कायम है। शहर से लेकर गांव तक की दुकानों में रजनीगंधा की जबरदस्त मौजूदगी है। इसके अलावा पान बहार, रजनीगंधा क्लोव, माणिकचंद और पान पराग की मौजूदगी है। यह सभी उत्पाद भी अपनी रफ्तार से चल रहे हैं, लेकिन रजनीगंधा सबसे आगे है।


राजश्री व विमल में कड़ी टक्कर

सामान्य श्रेणी के पान मसालों में राजश्री और विमल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। राज्य की कई मंडियों में कहीं राजश्री आगे है तो कहींविमल ने बढ़त बना रखी है। इन दोनों उत्पादों के अलावा नजर, पान पराग, दबंग व पान पसंद आदि का चलन है। यह सभी उत्पाद छत्तीसगढ़ की मार्केट में अपना दबदबा बनाने के प्रयास में हैं, लेकिन बिक्री के मामले में राजश्री और विमल ही आगे हैं। ग्रामीण आंचलों की बात की जाए तो राजश्री ज्यादा दिखाई पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में ज्यादातर उत्पाद 5 रूपए वाली श्रेणी के हैं।


बाबा लोकप्रिय ब्रांड

जर्दा की बात की जाए तो राज्य की 85 फीसदी मार्केट पर बाबा के उत्पादों का कब्जा है। बाबा 120 व 160 समेत इसके अन्य ब्रांडों की मांग जबरदस्त है। बाबा के उत्पादों की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे हर वर्ग का ग्राहक जुड़ा हुआ है। इसके बाद डीएस यानी तुलसी 00 का मार्केट है, जो करीब 10-12 फीसदी है। साथ ही रत्ना 300, गोपाल, शिवदाता व सिगनल आदि जैसे ब्रांड भी चलन में हैं। रायपुर व बिलासपुर समेत अन्य शहरों की हर बड़ी पान की दुकानों पर यह उत्पाद मौजूद हैं।


नवरत्न की अच्छी मांग

प्रिमियम पान चटनी में भी बाबा नवरत्न व अन्य ब्रांड लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। मीठा पान खाने वाला हर ग्राहक बाबा की ही चटनी की मांग करता है। सामान्य श्रेणी की चटनियों की बात की जाए तो गोपाल के दिलखुश का काफी चलन है। यह राज्य की हर पान की दुकान पर नजर आती है।


बाबा इलायची पहले नंबर पर

जर्दा की तरह इलायची में भी बाबा नंबर एक पर बना हुआ है। राज्य के करीब 85 फीसदी मार्केट पर बाबा इलायची का ही कब्जा है। इसके बाद रजनीगंधा पल्र्स का नंबर है। साथ ही गोपाल, रत्ना व विमल आदि के उत्पादों की भी उपस्थिति है। इलायची का चलन ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा है।


बाबा सुपारी आगे

प्रिमियम श्रेणी की सुपारी में बाबा का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। इसके बाद रितिक गोल्ड का नंबर आता है। सामान्य श्रेणी की सुपारी उत्पादों में रितिक की बिक्री जबरदस्त है। यह शहर से लेकर गांव तक की सभी छोटी बड़ी दुकानों पर उपलब्ध है।


बंबईया का धमाल

प्रिमियम श्रेणी के माऊथ फ्रेशनर में बंबईया नंबर 1 पर है। इसके बाद पास-पास की बिक्री है। पिछले कुछ अर्से में पास-पास ने छत्तीसगढ़ में अपना अच्छा मार्केट विकसित किया है। कत्था युक्त यह माऊथ फ्रेशनर स्वाद व फ्लेवर के लिहाज से काफी अच्छा है, जिसके चलते लोग इसे खूब पसंद करते हैं। इन उत्पादों के अलावा यहां चुटकी, मधुराज व मस्ताना आदि जैसे उत्पादों का भी मार्केट है। उपरोक्त सभी उत्पाद युवाओं व महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।