कोलकता मार्केट फरवरी 2017

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कोलकता मार्केट फरवरी 2017



रजनीगंधा का जलवा कायम

प्रिमीयम श्रेणी के पान मसाले की बात की जाए तो कोलकता मार्केट में रजनीगंधा का जलवा कायम है, लेकिन 5 रूपये वाली श्रेणी में बहार का प्रदर्शन काफी अच्छा है। एक तो प्रीमियम श्रेणी दूसरे कीमत भी कम, इसका फाएदा बहार को मिल रहा है। ध्यान रहे कि रजनीगंधा का 4 ग्राम वाला पाऊच 14 रूपये का है, जबकि बहार का 4 ग्राम का पाऊच 5 रूपए में है। दोनों प्रिमियम उत्पादों की कीमतों में काफी अंतर है, लेकिन रजनीगंधा ने मार्केट में अपनी श्रेष्ठता बनाए रखी है। जानकारों का कहना है कि क्वालिटी के लिहाज़ से उत्तम माने जाने वाले रजनीगंधा का अलग ग्राहक वर्ग है वह कोई और ब्रांड को हाथ नहींलगाता है। यही कारण है कि देश की किसी भी मार्केट में रजनीगंधा की बिक्री पर कभी कोई असर नहीं पड़ता है।


विमल पहुंचा नं 1 पर

कोलकता मार्केट पर शांति पान मसाला नंबर 1 पर पहुंच गया था, लेकिन अब विमल ने उसे पीछे छोड़ दिया है। हालांकि शांति अपनी पहले वाली स्थिति को हासिल करने के लिए पूरे जोरशोर से जुट गया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी मार्केटिंग रणनीति में थोड़ा बदलाव भी किया है। बाजार सूत्रों का भी कहना है कि शांति में फिर से पहले वाली चमक आती दिखाई पड़ रही है। वैसे कोलकता में कई जगह पर विमल टक्कर दे रहा था। वह स्थिति कमोबेश अभी भी बनी हुई है। इसके अलावा गोमती ने तेज़ी से बढ़त हासिल की है। उल्लेखनीय है कि गोमती ने 4-5 साल पहले कोलकता की मार्केट में कदम रखा था, पर अब वह बड़ा स्थापित ब्रांड बन गया है। इसके अलावा सर रॉयल की बिक्री में ज़बरदस्त उछाल है। पान की दुकान वालों का कहना है कि स्वाद व फ्लेवर के कारण इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। पहले की अपेक्षा इसकी बिक्री में भी ज़बरदस्त इजाफा हुआ है। इन सब के साथ कोलकता मार्केट में दिलरूबा, पान पसंद, तिरंगा व सर आदि का चलन है। एक समय में तिरंगा की भी काफी अच्छी मार्केट थी, लेकिन इस बीच उसकी बिक्री पर असर पड़ा है।


स्वीटी सुपारी पहले नंबर पर

कोलकता में सुपारी की काफी अच्छी मार्केट है और कई ब्रांड दुकानों पर दिखाई पड़ते हैं, लेकिन स्वीटी केसर सुपारी सबसे ऊपर चल रही है। बाजार के जानकारों का कहना है कि क्वालिटी के लिहाज से तो स्वीटी बढिय़ा है ही, साथ ही कंपनी की मार्केटिंग रणनीति भी काफी अच्छी है। स्वीटी सुपारी ने हर वर्ग के ग्राहक जोड़ रखे हैं। यहां पास-पास की भी अच्छी बिक्री है। हाल ही में केसर ब्रांड भी आया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।



शिवदाता व गोपाल की पकड़ मज़बूत

शिवदाता ज़र्दा कोलकता ही नहींसमूचे प. बंगाल में सर्वाधिक बिकने वाला उत्पाद है। इसके बाद गोपाल 60 का चलन है। यह दोनों ऐसे ब्रांड हैं, जो कोलकाता की सभी पान छोटी बड़ी पान की दुकानों पर दिखाई पड़ते हैं। पान की दुकान वाले ज्यादातर गोपाल का आधा कि.लो. वाला डिब्बा लेना पसंद करते हैं। प्रिमियम में बात की जाए तो यहां बाबा 120, 160, की अच्छी पकड़ है। यह उत्पाद महानगर की सभी बड़ी और स्टैंडर्ड की पान की दुकानों पर उपलब्ध हैं। वैसे आम तौर पर ग्राहक शिवदाता व गोपाल की ही मांग करते हैं। इनके अलावा सुरभी व काला जर्दा में अहमद हुसैन व अशरफ अली ज़र्दा आदि का चलन है। यह सभी ब्रांड भी कोलकता की हर पान की दुकानों पर नजर आते हैं। पिछले दिनों सिग्नल वालों की मार्केटिंग टीम ने कोलकता में काफी मेहनत की थी, जिसके नतीजे अब कंपनी को मिलने लगे हैं। सिगनल 164 और 350 की ठीक-ठाक कटिंग देखने को मिल रही है। हाल ही में महादेव ज़र्दा ने भी बाजार में कदम रखा था, लेकिन वह कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर सका। दुकानदारों ने बताया कि इन दिनों गोपाल की तरफ से कुछ स्कीम भी चल रही है। देश में चल रहे तंबाकू विरोधी माहौल और नोटबंदी का असर कोलकता की मार्केट पर भी है। यहां तंबाकू उत्पादों की बिक्री अच्छी नहीं तो बहुत खराब भी नहीं है।



पास-पास व स्वीटी समेत कई माऊथ फ्रेशनर चलन में

माऊथ फ्रेशनर की बात की जाए तो स्वीटी सुपारी, बंबईया, पास-पास, चुटकी, मधुबन,मीठा मजा, और चमन बहार जैसे उत्पाद चलन में हैं। स्वीटी सुपारी की बिक्री काफी अच्छी है। उल्लेखनीय है कोलकता में माऊथ फ्रेशनर का चलन काफी है। यहां काटन स्ट्रीट में दर्जनों दुकाने ऐसी हैं, जहां माऊथ फ्रेशनर, इलायची, सौंफ, खस, चांदी का वर्क़ व सुपारी समेत विभिन्न किस्म के सामान बिकते हैं। जानकारों का कहना है कोलकता माऊथ फ्रेशनर के लिए एक बहुत अच्छा मार्केट है।



राजा खैनी की स्थिति बेहतर

यहां खैनी में राजा, कुबेर, मिराज व नेवला की उपस्थिति है। मिराज की

अच्छी पकड़ बनी थी, लेकिन इन दिनों माल की सप्लाई ठीक नहीं होने के कारण पिछड़ गई है। कोलकता में कई लोकल ब्रांड भी चलन में हैं।

फिल्टर खैनी की बात की जाए तो चैनी खैनी और मिराज की अच्छी बिक्री है। राजा खैनी की सप्लाई काफी अच्छी है, जिसके चलते उसकी बिक्री

बेहतर है।



बाबा इलायची की बढ़त बरकरार

कोलकता में बाबा इलायची की खपत ज़बरदस्त है। बाजार के 95 फीसदी हिस्से पर इसका कब्ज़ा है। साथ ही रजनीगंधा पल्र्स और फिर गोपाल इलायची की भी बिक्री है। गोपाल एक्ज़ॉटिक ने कोलकता में अपना बड़ा ग्राहक वर्ग तैयार किया है। उपरोक्त सभी उत्पादों ने हर वर्ग के ग्राहकों के बीच अपनी पकड़ बना रखी है। महानगर के पान वालों का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्राहक बाबा इलायची बीड़े में डलावाते हैं।



गोपाल की फ्लेवर्ड चटनियों को अच्छा रिस्पांस

गोपाल की खस व पाइन एप्पल समेत अन्य फ्लेवरों वाली चटनी कोलकता में खूब चल रही है। वैसे दिलखुश चटनी की पकड़ पहले से ही बनी हुई है। प्रिमियम में बाबा की चटनियों का दबदबा है। मीठे पान के शौकीनों का एक बड़ा तबका बीड़ों में बाबा की चटनी डलवाना पसंद करता है। इनके अलावा कई लोकल ब्रांड भी चलन में हैं। कोलकता में मीठे पान खूब खाया जाता है, लिहाज़ा पान चटनियों की भी अच्छी खपत है।



नवरत्न किवाम पसंदीदा ब्रांड

किवाम में नवरत्न की मांग काफी अच्छी है। तमाम पान वाले नवरत्न गोल्ड का भी इस्तेमाल करते हंै। साथ ही तकरीबन 98 फीसदी पान वाले गुलकंद भी रखते हैं, क्योंकि मीठे पान के शौकीनों की संख्या कोलकता में काफी है।

ज्यादातर स्थानीय स्तर बने गुलकंद का इस्तेमाल होता है।



चमन बहार लोकप्रिय लेकिन सप्लाई में कमी

कोलकता में मीठे पान का चलन होने के कारण पान मटेरियल की भी अच्छी खपत है। चमन बहार तो हर पान की दुकान पर मौजूद है। इसका स्वाद व फ्लेवर लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। हलांकि दुकानदारों ने बताया कि पिछले 2-ढ़ाई महीने से चमन बहार की शॉर्टेज चल रही थी, लेकिन कंपनी ने अब स्थिति बेहतर करने की कोशिश की है।



वेस्ट बंगाल: विïमल पहुंचा न. 1 पर

संपूर्ण वेस्ट बंगाल पान मसाला मार्केट पर एक नज़र डालें तो मुख्य रूप से यहां शांतिï, विïमल, कमला पसंद और शिïखर की बाज़ार में दमदार उपस्थिïती है। इन चारो उत्पादों में कड़ी पतिïस्पर्धा देखने को मिïलती है। सर रॉयल कुछ समय पूर्व ही लॉन्च हुआ है। ग्राहकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। इससे कमला पसंद की मार्केट थोड़ी बहुत प्र्भाïविïत हुई है। टोबैको प्लस बाज़ार सर्वेक्षण के अनुसार इन सभी उत्पादों में विïमल के बाज़ार में ज़बर्दस्त उछाल देखा गया है। हालांकिï

विïमल की साधी टक्कर शिïखर से है जिïसकी वेस्ट बंगाल में मज़बूत स्थिïती है। वर्तमान में विïमल वेस्ट बंगाल की मार्केट में नं. 1 की स्थिïती पर आगया है। बहरहाल, विïमल और शिïखर में कड़ी पतिïस्पर्धा देखने को मिïल रही है।


प्रीमिïयम पान मसाला मार्केट

इस श्रेणी में रजïनीïगंधा और बहार की काफी समय से उपस्थिïती है। रजïनीïगंधा नं.1 पर है तो बहार इसके बाद बिïक्री में आता है। बहार ने अच्छा मार्केट वेस्ट बंगाल में खड़ा किïया है। टोबैको प्ल्स सर्वेक्षणा के अनुसार, बहार का मार्केट सेट है और इसको रजनीगंधा की तुलना में 'मुल्य कम और मात्रा ज़्यादाÓ का पूरा लाभ मिïल रहा है। इसी के चलते प्रीमिïयम श्रेणी में बहार की भी मज़बूत स्थिïती है।


ज़र्दा मार्केट

वैसे तो वेस्ट बंगाल बाज़ार में कई ज़र्दा उत्पाद दिïखते हैं परंतु बाज़ार दो श्रेणिïयों में बटा है। पहला प्रीमिïयम तो दूसरा सस्ते उत्पादों में। प्रीमिïयम में जहां बाबा 120,160 तो आम चलन में शिïवदाता और गोपाल 60 का ज़बरदस्त मार्केट है। बिïक्री का वॉल्यूम देखें तो शिïवदाता का मार्केट नं. 1 पर है और उसके बाद गोपाल 60 की मांग बाज़ार में मज़बूत है।