पं.नहेरू ने चखा था कृष्ण पान भंडार के लजीज बीड़े का स्वाद

Tobacco Plus > News & Blogs

login Sign In

पं.नहेरू ने चखा था कृष्ण पान भंडार के लजीज बीड़े का स्वाद



-बनारस की दशकों पुरानी पान की दुकान

-बिग बी व आमिर समेत कई दिग्गजों को पसंद है यहां का पान


धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी बनारस में स्थित कृष्ण पान भंडार अपने साथ दशकों पुरानी रोचक यादगार समेटे हुए है। इस दुकान की स्थापना देश की आजादी के पहले हुई थी। इस समय इसे छोटे लाल केसरवानी संचालित कर रहे हैं। यहां के बीड़ों की लज्जत से हर कोई वाकिफ है और अहम बात यह है कि इनकी कीमत भी ज्यादा नहींअदा नहीं करनी पड़ती है। आम तौर पर 5 से 10 रूपए का पान है। 15 रूपए वाली एक खास वेरायटी है, जिसमें चांदी का वर्क आदि लगा होता है। कृष्ण पान भंडार पर हर किस्म का जर्दा और तरह-तरह के मसाले उपलब्ध हैं। केसरवानी जी बताते हैं कि यह उनका पुश्तैनी कारोबार है। वे परिवार की चौथी पीढ़ी हैं, जो इस दुकान को चला रहे हैं। उन्हें याद है कि जब वे छोटे से थे तो उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पान खिलाने का मौका मिला था। जब नेहरू जी बनारस आए थे तो केसरवानी जी काफी छोटे थे। इनके चाचा जी इन्हें गोद में लेकर नेहरू जी के सामने गए तो इन्होंने अपने हाथ से उन्हें पान खिलाया था। इनका पान खा कर नेहरू जी काफी खुश हुए थे। आज भी तमाम वीआईपी इनकी दुकान पर पान खाने आते हैं लालू यादव समेत कई बड़े नेता यहां के पान का स्वाद चख चुके हैं। फिल्मी दुनिया की बात की जाए तो बिग बी अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, आमिर खान, असरानी, महमूद समेत तमाम कलाकार कृष्ण पान भंडार पर आ चुके हैं। कई बार नई हिरोइनें भी यहां आती हैं। लोग जब आ कर चले जाते हैं तब केसरवानी जी को पता चलता हैं फलां हिरोइन आई थी। केसरवानी जी अपनी कारोबारी व्यस्तता के चलते फिल्में काफी कम देखते हैं, इसलिए वे कई नए कलाकारों को पहचान नहींपाते हैं। वैसै पुराने कलाकारों को वे खूब जानते हैं और उन्हें पुरानी फिल्मों के गीत भी काफी पसंद हैं। ध्यान रहे कि तीसरी कसम फिल्म का गीत उड़-उड़ बैठी.....इन्हीं की दुकान पर फिल्माया गया था। इस बात को बहुत सारे लोग जानते हैं। इतना ही नहीं जब आमिर खान की फिल्म पीके रिलीज हुई थी तो वे बनारस आए थे और कृष्णा पान भंडार का पान खाया था। यहां का मीठा पान खाने के बाद आमिर खान इसकी तारीफ करने से अपने को नहींरोक पाए. इस मौके पर खान ने कहा था कि बनारस आ कर पान नहीं खाया तो कुछ नहीं किया।

चौरसिया जी के बीड़ों की खासियत यह है कि इसमें ऐसा फ्लेवर होता है, जो कहींऔर नहीं मिलता है। इससे आने वाली सोंधी-सोंधी खुशबू हर किसी को आकर्षित करती है। दूसरे बीड़ों को ग्राहक के समक्ष पेश करने के अंदाज में भी नफासत दिखाई पड़ती है। यहां पत्ते के दोने में पान पेश किया जाता है, जो काफी दिलचस्प लगता है। बनारस में आने वाले विदेशी सैलानी भी पान के बीड़ों और उन्हें पेश करने के अंदाज को देख कर दंग रह जाते हैं। यही अंदाज देख कर बहुत से सैलानी पान खाने की इच्छा जताते हैं। इनकी दुकान पर विदेशी सैलानियों की अच्छी खासी तादाद दिखाई पड़ती है। चौरसिया जी अपने पान में उच्च क्वालिटी का माल इस्तेमाल करते हैं। वे कत्था और चूना विशेष तरीके से तैयार करते हैं। उनका कहना है कि यदि पान में उच्च कोटि की सामग्री का इस्तेमाल हो और कत्था-चूना आदि का संतुलन ठीक हो तो बीड़ा लाजवाब हो जाता है। जब से इस दुकान की स्थापना हुई है तभी से पान की क्वालिटी पर पूरा ध्यान रखा जाता है। इनके दादा व पिता पहले स्वयं पान को खा कर उसका स्वाद परखते थे। इसके बाद ही ग्राहकों के समक्ष उसे पेश किया जाता था। उन्होंने बताया कि आम तौर पर 5 और 10 रूपए का पान बिकता है। कई शौकीन लोग चांदी के वर्क आदि लगा पान पसंद करते हैं तो उनके लिए विशेष बीड़ा उपलब्ध है, जिसकी कीमत मात्र 15 रूपए है। कृष्ण पान भंडार पर बाबा समेत अन्य सभी कंपनियों के ब्रांड मौजूद हैं। मीठे पान में वे सामान्य इलायची का इस्तेमाल तो करते ही हैं, साथ ही बाबा इलायची भी डालते हैं। उनका कहना है कि बाबा इलायची डालने से पान का स्वाद और बढ़ जाता है।

उल्लेखनीय है कि बनारस में न तो पान पैदा होता है और नहींतंबाकू, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बनारसी पान पूरी दुनियां में मशहूर है।

चौरसिया जी बताते हैं कि पान के पत्ते बाहर से आते हैं, जिन्हें यहां पकाया जाता है। यह एक विशेष किस्म की कला है। मघई पान ज्यादातर गया से मंगाया जाता है। तंबाकू भी गुजरात से आती है, जिसे खास विधि से तैयार किया जाता है। बनारस में सादी पत्ती का खूब इस्तेमाल होता है, जिसे तैयार करने में काफी एहतियात बरतनी होती है, क्योंकि थोड़ा सी लापरवाही में इसके स्वाद में अंतर आ जाता है।

टोबैको प्लस ने जब उनसे देश में मौजूदा समय में पान तंबाकू उद्योग की स्थिति के बारे में प्रश्न पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया कि उद्योग से समक्ष काफी समस्याएं पैदा हो गई हैं। आए दिन लगने वाले प्रतिबंध से इसका काफी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि तंबाकू उद्योग सेे करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। यदि इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया तो उत्पादकों, दुकानदारों व हाकरों समेत सभी भारी मुसीबत में पड़ जाएंगे। उन्होंने उदाहरण दिया कि वे अपने पान को जिस दोने में पेश करते हैं, उसके पत्ते लाने वाले लोग बेहद गरीब होते हैं। वे पत्ते चुनकर दुकानदारों को बेचते हैं तो उसी की कमाई से उनके घरों के चूल्हे जलते हैं। यदि इनके हाथ से यह काम भी छीन लिया गया तो वे क्या करेंगे? इतना ही नहींउन्होंने कहा कि देश में तंबाकू उत्पादों के लिए सचित्र चेतावनी का काफी कड़ा नियम बनाया गया है, लेकिन विदेशी सिगरेट यहां धड़ल्ले से बिक रही है, जिस पर सचित्र चेतावनी नहींहोती है। यहां तक कि उस पर तारीख भी नहींअंकित होती है। जब विदेशी सिगरेट स्थापित नियमों का पालन किए बिना बिक रहे हैं तो देश के उत्पादों पर रोक क्यों लगाई जा रही है। चौरसिया जी कहना है कि वे तंबाकू उत्पादों के पैकेटों पर वैधानिक चेतावनी के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसे इतना ज्यादा नहीं होना चाहिए कि लोगों का रोजगार ही बंद हो जाए। ग्राहक को छोटे आकार वाली सचित्र चेतावनी के जरिए भी संदेश दिया जा सकता है। पिछले दिनों वे जब अपने व्यवसाय के लोगों के साथ दिल्ली गए तो शीर्ष पदों पर बैठ अधिकारियों के समक्ष उद्योग की समस्याओं का ब्योरा दिया था। चौरसिया जी के मुताबिक पान भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। सदियों से यहां लोग इसका सेवन कर रहे हैं। उन्हें समझ में नहींआता कि अचानक कुछ वर्षों से इसके विरूद्ध इतना बड़ा अभियान क्यों चलाया जा रहा है?

बनारस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव क्षेत्र है। जब वे यहां चुनाव लडऩे आए तो उनके दफ्तर में यहीं से पान बंध कर जाता था। चौरसिया जी को पूरा भरोसा है कि मोदी जी के रहते हुए तंबाकू-पान कारोबार से जुड़े करोड़ों लोगों का नुकसान नहीं होगा। वे गरीब मेहनतकश लोगों की रोजी-रोटी नहींछिनने देंगे। यह जरूर है कि कुछ संगठनों ने अपने आक्रामक अभियान के जरिए इस उद्योग को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है, जिसका नतीजा यह है कि आज कई राज्यों में तंबाकू पर रोक लगा दी गई है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में संकट के यह बादल जरूर छटेंगे।


Chotelal Kesarwani

Krishna Pan Bhandar

House No. 19/2, Mint house, Varanasi Cantt,

Ph: 2503611