​ लक्ष्य को हासिल करने की कोशिशें जारी रखें-मालपाणी

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लक्ष्य को हासिल करने की कोशिशें जारी रखें-मालपाणी




नेपाल में आयोजित स्मोकलेस टौबैको फेडरेशन की वार्षिक एजीएम में श्री राजेश मालपाणी ने हाल ही में मिली कुछ कानूनी सफलताओं पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उद्योग के लोगों को कोटपा में प्रस्तावित संशोधन व सचित्र चेतावनी जैसे मुद्दों पर गहन विचार करने की जरूरत है। श्री मालपाणी ने कहा कि बिहार में प्रभात जर्दा के केस में नया प्रभात हुआ है। इससे उद्योग को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंकुर गुटखा का केस पूरी ताकत के साथ लड़ा जा रहा है। स्मोकलेस तंबाकू उद्योग की मौजूदा चुनौतियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था कि अगले दिन उद्योग बंद हो जाएगा, लेकिन फेडरेशन की कोशिशों के चलते लाइफ लाइन मिली है। उन्हें असम में भी अच्छी उम्मीद है। सचित्र चेतावनी के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए काफी कोशिशें की गईं थीं। संसदीय समिति के सामने प्रजेंटेशन दिया गया था और कमेटी ने सिफारिश भी कर दी थी कि चबाने वाली तंबाकू के उत्पादों व बीड़ी पर एक साइड 50 फीसदी हिस्से पर सचित्र चेतावनी होना चाहिए, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मामला गड़बड़ हो गया।

उन्होंने कोटपा के मामले को भी काफी गंभीर बताया। उनका कहना था कि ऐसा प्रावधान किया जा रहा है कि जैसे विमल के नाम से तंबाकू है तो विमल के नाम से कपड़े का विज्ञापन नहीं हो सकता है। इस तरह के नियम उद्योग के लिए बेहद हानिकारक हैं। मालपाणी का कहना था कि आगे चुनौतियां आने वाली हैं। पैकेजिंक, जीएसटी व सिन टैक्स जैसे कई सवालों से जूझना होगा। उनका कहना था कि उद्योग की इमेज को लेकर भी काम करने की जरूरत है। इसे स्वदेशी की प्रतिमा के रूप में खड़ा करना होगा। श्री मालपाणी ने लोगों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उद्योग के समक्ष समस्याएं कभी खत्म नहीं होगीं। एक झंझट खत्म होगी तो दूसरी पैदा हो जाएगी। सिगरेट के मुकाबले स्मोकलेस तंबाकू उद्योग काफी छोटा है, लेकिन जैसे एक चीटीं अपना काम करती है, उसी तरह हम लोगों को भी अपने काम में लगे रहना होगा। उन्होंने लोगों से कहा कि वे हर जगह हर समय चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें।