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सतारा का पॉकेट फ्रेंडली पान शॉप

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सतारा स्थित बुआ पान शॉप ने बेहद कम समय में ही अच्छी लोकप्रियता हासिल की है। यह पान शॉप बिल्कुल ही पॉकेट फ्रेंडली है। बीड़ों की कीमत 25 रुपये से तीस रुपये के बीच में है। वैसे तो यहां मौजूदा समय में दर्जन भर से अधिक बीड़ों की वेरायटियां मौजूद हैं। इनमें मसाला पान,  चाकलेट पान और चुस्की पान सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। ये बीड़े इतने लाजवाब होते हैं कि लोग दूर दूर से खींचे चले आते हैं। इस पान शॉप का खुद का ईजाद किया हुआ स्पेशल बीड़ा चुस्की पान है।
पान शॉप के संचालक दत्तात्रेय कृषनाथ सलूनथे ने टोबैको प्लस को बताया कि इस बीड़े की ईजाद उनके भाई ने की है। इस बीड़े को गुलकंद व पान के रस से तैयार किया जाता है। उन्होंने इसकी विधि बताते हुए टोबैको प्लस को कहा कि गुलकंद को पान के रस के साथ अच्छी तरह से रब किया जाता है। अच्छी तरह से घुंटाई हो जाने के बाद इसे फ्रीजर में रखकर जमाया जाता है। ग्राहक इसे मुंह में रखकर चूसते हैं। हर कोई इसका लुत्फ उठा सके इसलिए इसकी कीमत केवल 25 रुपये रखी गई है। इसी तरह चॉकलेट पान की कीमत भी महज 30 रुपये ही है।
इस पान शॉप की शुरुआत के बारे में दत्तात्रेय ने बताया कि पेट्रोल पंप पर काम करने वाले उनके पिताजी ने सन 1997 में पान ठेली से इसकी शुरुआत की। ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए कुछ ही साल में ठेली छोटी पड़ने लगी तो उनके पिताजी ने बड़ी ठेली ली। बाद में स्थायी रूप से 2017 में दुकान लेकर इस नये पान शॉप की नींव रखी गई। देखते ही देखते बुआ पान की पाँच शॉप पूरे सतारा में अपने पॉकेट फ्रेंडली क्वालिटी वाले बीड़ों के लिए मशहूर है। आज की तारीख में दुकान खुलने से लेकर बंद होने तक ग्राहकों का तांता लगा रहता है।
बुआ पान शॉप सुबह 9 बजे से रात के साढ़े दस बजे तक खुली रहती है। यहां पूरे शहर से ग्राहक आते हैं। खासकर रात में खाना खाने के बाद ग्राहक यहां के बीड़े खाना पसंद करते हैं। दत्तात्रेय ने बताया कि पहले पान व पान मसाला के साथ ही मावा भी बिकता था लेकिन 2012 में महाराष्ट्र में पान मसाले व तंबाकू बैन होने के बाद मावा का चलन बढ़ा है। अब कश्मीरी सुगंध वाले मावा की बिक्री होती है। इनके यहां से शादी ब्याह में स्टाल न लगाकर बीड़े पैक कर सप्लाई होती है।
पहले की तुलना में पान की बिक्री कम हुई है और इसका प्रभाव पान दुकानदारों पर पड़ा है लेकिन बुआ पान शॉप पर कस्टमरों की भीड़ बताती है कि अभी भी पान के शौकीन भारी मात्रा में हैं। बस पान लगानी आनी चाहिए। दत्तात्रेय ने बताया कि उनके पास काफी अच्छे-अच्छे कस्टमर हैं। यहां मीठे पान की बहुत बढ़िया बिक्री होती है। वे अपने बीड़ों में साधना, मिनाक्षी सैफ्रॉन और केटीसी की फ्लेवर पान चटनियां इस्तेमाल करते हैं। डिमांड पर बाबा का 90 नंबर किवाम भी बीड़ों में डाला जाता है। पान शॉप के एक्सटेंशन की सोच रहे दत्तात्रेय ने बताया कि उनका एक पान शॉप पुणे में भी खोलने की है। मावा में स्वीटनेस के लिए कश्मीरी सुगंध का यूज सतारा में खूब किया जाता है।
उन्होंने टोबैको प्लस को बताया कि उनके दुकान पर क्वालिटी के स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाता है। मुनाफा मिले या नहीं सभी सामग्रियां उच्च कोटि की इस्तेमाल होती हैं। बीड़ों में इस्तेमाल होने वाले कत्था, चूना, सुपारी व अन्य घटक सभी उत्तम क्वालिटी के होते हैं। वे अपने बीड़ों में कुछ खास किस्म के फ्लेवर डालते हैं, जिससे उनका मजा काफी बढ़ जाता है। इनके बीड़े जितने लजीज होते हैं, उतने ही सुंदर भी दिखते हैं। बुआ पान के बीड़ों की खास बात यह है कि इसे देखते ही खाने को मन करता है। जिसने भी एक बार खाया वह दोबारा जरूर आता है।
अपनी शुरुआत से ही बुआ पान शॉप ने क्वालिटी को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया। यही कारण है कि यह दिनों-दिन लोकप्रिय होता गया। वे अपने बीड़ों की लज्जत को लेकर सदैव सतर्क व सजग रहते हैं। इसी सजगता व सतर्कता का नतीजा है कि पूरे सतारा शहर में बुआ पान शॉप का अपना अलग ही स्वैग है। आज तक कोई भी ग्राहक इनकी दुकान से नाराज हो कर नहीं गया। नियमित ग्राहकों के साथ इनका रवैया काफी दोस्ताना होता है। इस दुकान की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तमाम लोग अपने परिवार के साथ यहां पान खाने आते हैं। कई लोग पैकिंग कराके अपने घर भी ले जाते हैं। पैकिंग इस तरह की होती है कि बीड़े कई-कई घंटे तक सुरक्षित रहते हैं और उनका स्वाद भी जस का तस बना रहता है। 

 

बुआ पान शॉप का मशहूर चुस्की पान

सतारा का बुआ पान शॉप एकदम से पॉकेट फ्रेंडली है। यूं तो यहां बीड़ों की दर्जनों वेरायटी है लेकिन कोई भी बीड़ा 30 रुपये से अधिक का नहीं है। सभी बीड़ों की कीमत 25 रुपये से तीस रुपये के बीच में है। चाहे वह मसाला पान हो या  चाकलेट पान अथवा इस पान शॉप का अपना स्पेशल बीड़ा चुस्की पान हो। चुस्की पान सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। यह बीड़ा बुआ पान शॉप का खुद का ईजाद किया हुआ है। यह बीड़ा गुलकंद व पान के रस से तैयार किया जाता है। पहले गुलकंद को पान के रस के साथ अच्छी तरह से रब किया जाता है। अच्छी तरह से रब हो जाने के बाद इसे फ्रीजर में रखकर जमाया जाता है। इसे मुंह में रखकर चूसकर खाया जाता है।
इस पान शॉप के संचालक दत्तात्रेय हैं। उन्होंने टोबैको प्लस को बताया कि उनके यहां पूरे शहर से ग्राहक आते हैं। खासकर रात में खाना खाने के बाद ग्राहक यहां के बीड़े खाने परिवार के साथ आते हैं। उनके अनुसार पहले की तुलना में पान की बिक्री कम हुई है और इसका प्रभाव पान दुकानदारों पर पड़ा है लेकिन बुआ पान शॉप पर कस्टमरों में कोई कमी नहीं आई है। यहां मीठे पान की बहुत बढ़िया बिक्री होती है। वे अपने बीड़ों में साधना, मिनाक्षी सैफ्रॉन और केटीसी की फ्लेवर पान चटनियां इस्तेमाल करते हैं। डिमांड पर बाबा का 90 नंबर किवाम भी बीड़ों में डाला जाता है।
दत्तात्रेय ने बताया कि उनकी पाँच पान शॉप सातारा में है। वहां पान के अलावा मावा भी खूब बिकता है। मावा में स्वीटनेस के लिए कश्मीरी सुगंध का यूज किया जाता है। उनके दुकान पर क्वालिटी के स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाता है। मुनाफा मिले या नहीं सभी सामग्रियां उच्च कोटि की ही इस्तेमाल होती हैं। इनके बीड़े जितने लजीज होते हैं, उतने ही सुंदर भी दिखते हैं। बुआ पान के बीड़ों को जिसने भी एक बार खाया वह दोबारा जरूर आता है। आज तक कोई भी ग्राहक इनकी दुकान से नाराज हो कर नहीं गया। नियमित ग्राहकों के साथ इनका रवैया काफी दोस्ताना होता है। अगर आप भी कभी सतारा  जायें तो एक बार इस पान शॉप के बीड़ों का रसास्वादन जरूर करें।

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